हमें बचत के समय विभिन्न बातों का ध्यान रखना पड़ता है, जिससे हमें समस्या का सामना न करना पड़े. बचत अपनी समस्याओं को कम करने के लिए की जाती है, न कि समस्या बढ़ाने के लिए.
हम सभी लोग किसी न किसी रूप में बचत अवश्य करते हैं. बचत करने के दौरान जाने-अनजाने में कभी-कभी लापरवाही हो जाती है, जहां हमें बचत से फायदे की जगह नुकसान उठाना पड़ सकता है.
इस आर्टिकल में विस्तार से जानेंगे कि बचत के समय ध्यान रखने वाली बातें कौन-कौन सी हैं, जिन्हें ध्यान रखकर हम अपनी बचत को सुरक्षित रख सकते हैं.
बचत के समय ध्यान रखने वाली बातें
ब्याज/रिटर्न
बचत करने से पहले हमें अवश्य जान लेना चाहिए कि जहां हम बचत करने जा रहे हैं, वहां हमें कितना ब्याज या रिटर्न मिलेगा. पैसा बैंक आदि में जमा करने से पूर्व यह जानकारी अवश्य प्राप्त करें कि आपको कहां से ज्यादा ब्याज/रिटर्न प्राप्त होगा.
समय/अवधि
हम जो बचत कर रहे हैं वह पैसा हमें कब जरुरत पड़ेगा, इसका अनुमान भी पहले से लगा लेना चाहिए. बहुत सारी योजनाओं में 3 साल, 5 साल का लॉक-इन पीरियड होता है. गलत योजना चुनने पर पेनल्टी के रूप में ज्यादा चार्ज देना पड़ सकता है और लाभ भी कम मिलेगा.
बचत का आधार क्या है
आप प्रत्येक माह थोड़ी-थोड़ी बचत कर रहे हैं या एक मुश्त बचत करने जा रहे हैं, इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए.
स्थान या संस्था
अपनी बचत का कीमती पैसा कहां जमा कर रहे हैं, इसका ध्यान रखें. कम ब्याज या रिटर्न पर बचत करें परंतु सुरक्षित करें. रजिस्टर्ड संस्था में ही बचत करें और बचत करने से पूर्व संस्था की वैधानिकता की जांच अवश्य कर लें.
मित्र, सोशल मीडिया या व्हाट्सएप पर प्राप्त टिप्स के आधार पर कभी बचत न करें
सोशल मीडिया, व्हाट्सएप, फेसबुक आदि से प्राप्त टिप्स और लिंक के आधार पर कभी भी पैसा न लगायें क्योंकि ऐसे लिंक से हमेशा फ्रॉड हो जाता है. बचत करने से पूर्व हमेशा बैंक से या रजिस्टर्ड संस्था से ही संपर्क कर जानकारी प्राप्त करें.
अति उत्साह में बचत न शुरू करें
हमेशा अपनी बेसिक जरूरत को पूरा करें. भविष्य की प्लानिंग के चक्कर में वर्तमान बर्बाद न करें और वर्तमान को अच्छा करने के चक्कर में भविष्य भी बर्बाद न करें. आय को इस हिसाब से बैलेंस करें कि वर्तमान भी अच्छा रहे और भविष्य भी.
अपनी बचत के प्रति हमेशा सजग रहें
अपने प्रोफेशनल एक्सपर्ट से बीच-बीच में जानकारी प्राप्त करते रहें कि पैसा सही जगह लगा है या ग्रोथ की संभावना पहले की तुलना में कम हो गई है. यदि ग्रोथ की संभावना कम हो रही है तो अपने पैसे को दूसरी योजना में स्विच कर दें.
अपने लक्ष्य के अनुसार बचत करें
अपने लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म फाइनेंसियल गोल के अनुसार ही बचत करें, जिससे कि तय समय पर बचत का पैसा आसानी से मिल जाए और की गयी बचत अर्थपूर्ण हो सके.
पैसा वही उपयोगी है जो समय से मिल जाए
कुछ कंटीन्जेंसी फंड अपने पास अवश्य रखें, जिससे बचत को बिना डिस्टर्ब किये आप अपनी तात्कालिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकें. अपनी उम्र को ध्यान में रखकर बचत करें और अपनी वर्तमान लाइफ स्टाइल को ज्यादा प्रभावित न करें.
अपनी सारी बचत एक ही योजना या कंपनी में कभी न लगायें
वारेन बफेट के अनुसार — Don't put all your eggs in a single basket. अपनी बचत की योजनाओं में विविधता लाएं, इससे बुरे दिनों में आपके रिस्क कम होते हैं और बचत सुरक्षित रहती है.
बचत का पैसा नियमित रूप से जमा करें
यदि आप SIP म्युचुअल फंड में पैसा जमा कर रहे हैं तो यह पैसा हर महीने निश्चित तारीख को खाते से कट जाता है. उस तारीख को खाते में पर्याप्त पैसा न होने पर बैंक पेनल्टी लेती है और सिबिल स्कोर भी खराब हो सकता है.
अपनी आय के अनुसार ही बचत करें
बचत करते समय अपने बजट के अंदर रहें. कभी लोन लेकर बचत न करें — हमेशा पहले बचत करें, फिर जरूरत पड़े तो लोन लें.
बचत लक्ष्य उन्मुखी योजनाओं में करें
LIC में पैसा लगाना बचत नहीं, जीवन बीमा है. बचत के लिए अन्य योजनाएं हैं, जैसे किसान विकास पत्र, गवर्नमेंट बॉन्ड, सिक्योरिटीज, गोल्ड इत्यादि.
बचत पर लगने वाले इनकम टैक्स
बचत पर लगने वाले इनकम टैक्स को भी ध्यान में रखें. बचत खाते में जमा पैसे पर यदि वर्ष में ₹10,000 से ज्यादा ब्याज मिलता है, तो उस पर सरकार टैक्स लगाती है. टैक्स बचाने के लिए टैक्स सेविंग स्कीम में पैसा लगायें.
वित्तीय जागरूकता को महत्त्व दें
अंत में, बचत करने से पहले वित्तीय जागरूकता प्राप्त करना महत्वपूर्ण है. वित्तीय शिक्षा और समझ से आप अपने वित्तीय निर्णयों को बेहतर तरीके से ले सकते हैं, जिसके आधार पर अधिक लाभदायक योजनाओं में बचत का पैसा लगाकर धन वृद्धि की जा सकती है.
उपरोक्त बातों का ध्यान रखते हुए आप अपनी बचत को और अधिक बढ़ा सकते हैं तथा इससे होने वाले विभिन्न नुकसान से बच सकते हैं.