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बचत vs निवेश

NiveshWorld Team 19 March 2024 5 min read

बचत vs निवेश क्या है और ये दोनों आपके लिए क्यों जरूरी हैं? इस आर्टिकल में आप आगे बचत vs निवेश के बारे में विस्तार से जानेंगे.

हमारे पास हर महीना अपनी सैलरी से सभी खर्चे पूरे करने के बाद कुछ न कुछ पैसा बचता है और यह पैसा:

  1. जब ऐसी जगह लगाया या जमा किया जाता है जहाँ ये समय के साथ सामान्य रूप से या निश्चित रूप से बढ़ता है या सुरक्षित रहता है, तो इसे बचत कहते हैं. जब हमें जरूरत पड़ती है तब हम इसे यूज़ कर सकते हैं.
  2. जब ऐसी जगह जमा या लगाया जाये जहाँ ये समय के साथ तेजी से बढ़ता है, तब इसे निवेश कहा जाता है. निवेश में यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने निवेश कहाँ किया है — जमीन तुरंत नहीं बिक सकती, लॉक-इन पीरियड वाली स्कीम में तत्काल पैसा नहीं मिल सकता, जबकि शेयर या म्यूच्यूअल फण्ड में तीसरे दिन पैसा मिल सकता है और ओवरनाइट फण्ड में जब चाहें पैसा मिल जाता है.
"बचत से निवेश है और निवेश से बड़ी बचत है."

कहने का अर्थ यह है कि जब हमारे पास बचत होती है तभी हम निवेश करते हैं और जब आप निवेश कर देते हैं तो यही निवेश आने वाले समय में बड़ी बचत के रूप में तैयार हो जाता है.

बचत और निवेश

बचत एक शुरुआती अवस्था है, जिसमें हम अपने हर महीने के खर्च निकालने के बाद पैसे बचाते हैं और इन पैसों को सुरक्षित जगह जमा करते हैं, जहां यह हमें निश्चित लाभ देते हैं. बचत में सामान्य तौर से हम उन स्कीम्स में पैसा जमा करते हैं जहां हमें निश्चित रिटर्न या लाभ मिलता है.

बचत में पूर्व निर्धारित लाभ ही शामिल है. निवेश में लगाया गया पैसा बचत की स्कीम्स में लगाए गए पैसों से अधिक ब्याज/लाभ प्रदान करता है, परन्तु इसमें जोखिम भी होता है. इसीलिए निवेश में अक्सर कहा जाता है कि कहीं भी पैसा लगाने से पहले उसकी पूरी जांच पड़ताल कर लें.

निवेश में पैसा कहां-कहां लगाया जाता है

आज के समय में निवेश के लिए सबसे मनपसंदीदा ऑप्शन है जमीन खरीदना, क्योंकि जमीनों के दाम दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं. जमीन खरीदने से पहले यह देखना चाहिए कि जमीन पर कोई विवाद तो नहीं है, क्योंकि जमीनों पर होने वाले विवाद आसानी से नहीं सुलझते.

जब हम शेयर मार्केट में पैसा लगाने के बारे में सोचते हैं तो हमें अपने शेयर मार्केट एक्सपर्ट से राय लेनी चाहिए. शेयर मार्केट में पैसा तेजी से बढ़ता है लेकिन यहां जोखिम भी बहुत ज्यादा है.

जब आपको ऐसा लगता है कि शेयर मार्केट अनिश्चितताओं से भरा हुआ है, तो आपको म्युचुअल फंड में निवेश करना चाहिए. म्युचुअल फंड में निवेश करने से लंबी अवधि में हमेशा फायदा ही देखा गया है. इसमें आप SIP के माध्यम से छोटी-छोटी राशि भी निवेश कर सकते हैं.

बचत स्कीम्स में लगाया गया पैसा आयकर अधिनियम के अंतर्गत डेढ़ लाख की सीमा तक टैक्स फ्री होता है, जबकि निवेश में एक-दो स्कीम्स को छोड़कर बाकी में यह छूट नहीं मिलती.

बचत के लिए अपनाये जाने वाले उपाय

बचत खाता में पैसा जमा करके

इसमें बैंक या पोस्ट ऑफिस में बचत खाता खोल करके हर माह पैसा जमा करके अपनी बचत करते हैं.

RD खाता खोलकर पैसा जमा करते हैं

इसमें प्रत्येक महीना एक निश्चित धनराशि जमा करनी होती है. बचत खाते में आप कभी भी कितनी भी धनराशि जमा कर सकते हैं जबकि RD खाते में एक निश्चित तिथि में एक निश्चित धनराशि जमा करनी होती है.

फिक्स्ड डिपॉजिट करके

इसमें हम धनराशि एक निश्चित समय के लिए जमा करते हैं जिस पर बैंक हमें एक निश्चित ब्याज दर प्रदान करती है.

बचत की अन्य लोकप्रिय योजनाएं:

  • किसान विकास पत्र
  • राष्ट्रीय पेंशन स्कीम (NPS)
  • सरकारी बचत पत्र या बांड
  • PPF
  • राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC)
  • सुकन्या समृद्धि योजना
  • बीमा योजना
  • पेंशन योजना
  • सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम
  • टैक्स सेविंग FD
  • महिला सम्मान बचत पत्र
  • EPF
  • ULIP
  • ELSS

निवेश के लिए अपनाये जाने वाले उपाय

  • शेयर बाजार में
  • म्युचुअल फंड में
  • जमीन में
  • गोल्ड में
  • या अन्य व्यवसायिक गतिविधियों में

बचत में सरल तरीके से कम पैसा भी लगाया जा सकता है जबकि निवेश के लिए आपको इन्वेस्टमेंट एडवाइजर की आवश्यकता होती है. बचत में एक निश्चित लाभ या ब्याज प्राप्त होता है जबकि निवेश में यह निश्चित नहीं है कि लाभ ही होगा — कभी नुकसान भी हो सकता है, परंतु सही जगह निवेश करने पर लाभ बचत से कहीं अधिक होता है.

"निवेश बाजार जोखिम के अधीन होता है, जबकि बचत जोखिम रहित होती है"

बचत और निवेश पर टैक्स

निवेश में लगाए गए पैसे पर प्राप्त होने वाले लाभ या ब्याज पर आयकर अधिनियम की धाराओं के अंतर्गत टैक्स लगता है. यदि आपने म्युचुअल फंड या SIP में पैसा लगाया है तो 1 साल से पहले निकालने पर आपको एक प्रतिशत चार्ज देना पड़ता है, जबकि 3 साल बाद निकालने पर कोई चार्ज नहीं देना पड़ता. बचत में चाहे जब पैसा निकालें, कोई चार्ज नहीं देना पड़ता, बस प्राप्त लाभ पर निर्धारित टैक्स देना पड़ता है.

इस प्रकार देखा जाये तो बचत और निवेश अलग-अलग नहीं हैं बल्कि दोनों एक दूसरे से जुड़े हुए हैं.

Disclaimer

Yeh article kewal shaikshik aur soochnatmak uddeshy ke liye hai. Nivesh se pehle SEBI-Registered Financial Advisor se paramarsh avashya lein. Share Market mein nivesh jokhim ke adheen hai.

Disclaimer: NiveshWorld sirf educational aur informational purposes ke liye hai. Yeh platform koi bhi investment advice nahi deta. Stock market mein nivesh jokhim ke adheen hai. Kripya koi bhi nivesh karne se pehle apne financial advisor se salah lein. Past performance future returns ki guarantee nahi hai.