बचत Savings और बच्चा दोनों आपके जीवन में बहुत महत्वपूर्ण होते हैं. दोनों का ध्यान रखकर आप अपने भविष्य को अच्छा बनाते हैं. लेकिन यदि कुछ ऐसा हो जाए कि दोनों एक दूसरे का ध्यान रखें तो आपका भविष्य स्वतः अच्छा हो जाएगा.
कहा जाता है कि बच्चे की प्रथम पाठशाला उसका घर होता है. बचपन में सीखी गई बातें बच्चों की आदत में आ जाती हैं, जिन्हें वे आसानी से जीवन पर्यंत करते रहते हैं. यदि हम बच्चे को बचपन से बचत करना सिखा दें तो वह जीवन भर आसानी से बचत करता है और अपने जीवन को सुखमय बनाता है. बच्चे 5 वर्ष की उम्र से ही समझदार होने लगते हैं, जिससे हमें बचपन से ही बच्चों को वित्तीय साक्षरता देनी चाहिए.
बच्चों को बचत के बारे में बार-बार बताएं
अक्सर माता-पिता से यह कहते हुए सुना जाता है कि अभी यह बच्चा है, बचत के बारे में इससे क्या मतलब है. माता-पिता की यह सोच सही नहीं है. जो आप बच्चे को बचपन से ही सिखा देते हैं, वह बच्चा जीवन भर करता रहता है.
बच्चों को पिगी बैंक या उनके मनपसंद कार्टून करैक्टर वाली गुल्लक गिफ्ट करें
गुल्लक वर्षों से चली आ रही बचत करने की सबसे अच्छी व्यवस्था है. बच्चों के जन्मदिन पर या किसी अन्य फंक्शन पर उन्हें पिग्गी बैंक गिफ्ट करें और उसमें बचत के रूप में पहले पैसा आप स्वयं डालें.
बच्चों के नाम से बैंक में बचत खाता खोलें
बच्चों का बैंक में बचत खाता अवश्य खोलें. जब भी बैंक जाएं बच्चों को साथ लेकर जाएं तथा बैंक के बारे में, लेनदेन क्या होता है, इन सब के बारे में बच्चों को जानकारी दें. बच्चों को बर्थडे या अन्य अवसरों पर गिफ्ट के रूप में प्राप्त होने वाले पैसों को उसके बचत खाता में जमा करें.
पैसे की महत्ता के बारे में बताएं
जब भी कोई नया सामान जैसे टीवी, मोबाइल, फ्रिज आदि बाजार से घर में आता है तो बच्चों को पैसे का महत्व बताएं कि यह सब सामान पैसों से ही आता है. इस प्रकार बच्चा पैसों का महत्व समझेगा और बचत के बारे में सजग रहेगा.
बच्चों को सैलरी के बारे में बताएं
घर में पैसा कहां से आता है, इसके लिए कितनी मेहनत करनी पड़ती है, इन सब की जानकारी बच्चों को दें. ऐसा करने से बच्चा बचपन से ही पैसे की महत्ता को समझेगा और फिजूल खर्ची से बचेगा.
बच्चों को चाहत और जरूरत के बारे में बताएं
घर में उपलब्ध सामानों के आधार पर बच्चों को चाहत और जरूरत के बारे में बताएं. इससे बच्चा अपनी चाहत और जरूरत के बारे में बचपन से ही सजग रहेगा और बड़ा होकर उसे बचत करने में कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा.
खर्च को लिखने की आदत विकसित करें
बच्चे को एक डायरी दें और उससे कहें कि वह जो भी खर्च करेगा इस डायरी में लिखेगा. फिर महीने में एक बार बैठकर उसके खर्चों को उसके साथ देखें और बताएं कि किन खर्चों में वह कटौती कर सकता है.
बजट बनाना सिखाएं
घर का महीने का बजट बनाते समय आप बच्चे को साथ बैठाएं और उसे बताएं कि बजट कैसे बनता है और यह क्यों जरूरी है.
घर के गमले या गार्डन में लगे फूल-पौधों से बचत के बारे में बच्चे को बतायें
पौधों के उदाहरण से बच्चों को बताएं कि कैसे वह पौधा छोटे से धीरे-धीरे बड़ा हुआ, ठीक उसी तरह यदि वह थोड़ा-थोड़ा पैसा जमा करे तो वह बड़ी बचत इकट्ठा कर लेगा.
बचत और निवेश के बारे में बतायें
बच्चे को बचत और निवेश का अर्थ समझाएं कि पिगी बैंक में जमा पैसा बचत है और बैंक में जमा पैसा निवेश है, जहां पर आपको ब्याज भी मिलता है.
शॉपिंग पर बच्चों को साथ में ले जाएं
जब भी शॉपिंग पर जाएं बच्चों को साथ में ले जाएं और खरीदे गए सामान का रेट, मात्रा और एक्सपायरी डेट दिखाएं, फिर उसे अन्य प्रोडक्ट के साथ कंपेयर करने के लिए प्रोत्साहित करें.
खर्चे पर बचत करने की कोशिश करना सिखाएं
बच्चों को सस्ते विकल्प चुनकर पैसा बचाना सिखाएं, इससे वे अन्य खर्चों पर भी यह लागू कर बचत कर सकते हैं.
बच्चों में धैर्य रखने की आदत विकसित करें
खर्च के मामले में बच्चों में धैर्य रखने की आदत विकसित करें. धैर्य रखने से बचत होती है.
बच्चा बचत के बारे में जितना जल्दी और जितना ज्यादा जानेगा, उतना जल्दी और उतना अच्छे से वह अपनी बचत को करेगा. घर में बर्थडे आदि कार्यक्रम में बचत से संबंधित क्विज कराएं और फिर उसमें बच्चों को गिफ्ट दें. यदि आपका बच्चा निश्चित अवधि में एक निश्चित बचत कर लेता है तो बच्चे को इंसेंटिव भी दें.
बच्चों को बचत के बारे में बताना आपके लिए ऑप्शनल नहीं, एसेंशियल होना चाहिए क्योंकि यह बच्चे के भविष्य के लिए बहुत जरूरी है. ऊपर बताये गए बिंदुओं से हमें पूर्ण विश्वास है कि आने वाले जीवन में आपका बच्चा बचपन में सीखी गई बचत की आदत से एक सफल इंसान बनेगा, जिसे कभी भी वित्तीय संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा.