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Demat Account: Definition & Need हिंदी में

NiveshWorld Team 27 September 2024 4 min read

Demat Account — डीमैट अकाउंट को समझने के लिए सबसे पहले यह जरूरी है कि हम अकाउंट के बारे में समझें. जिस प्रकार पैसे का लेनदेन करने के लिए बैंक अकाउंट की जरूरत होती है, ठीक उसी प्रकार स्टॉक मार्केट में खरीदे गए शेयर्स एवं अन्य सिक्योरिटीज को रखने के लिए Demat Account — डीमैट अकाउंट की जरूरत होती है.

Demat Account — डीमैट अकाउंट क्या है?

Dematerialized Account को ही संक्षेप में Demat Account कहते हैं. इस खाते का उपयोग स्टॉक मार्केट में खरीदे गए शेयर्स एवं अन्य सिक्योरिटीज को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है. Demat Account निवेशक को इलेक्ट्रॉनिक रूप से शेयर बाजार में खरीदे गए शेयर, डिबेंचर, बांड, ETF जैसे वित्तीय उत्पादों को संगृहीत करता है. Demat Account के आने से शेयर्स की खरीद एवं बिक्री को अत्यंत सरल और सुविधाजनक बनाया जा सका है.

डिमटीरियलाइज़ेशन क्या है?

डिमटीरियलाइज़ेशन भौतिक शेयर प्रमाणपत्रों को इलेक्ट्रॉनिक रूप में परिवर्तित करने की प्रक्रिया है, जिससे इसका रखरखाव बहुत आसान हो जाता है और इसे विश्वभर में कहीं से भी एक्सेस किया जा सकता है. ऑनलाइन ट्रेडिंग करने के लिए निवेशक को किसी भी डिपॉजिटरी प्रतिभागी (DP) के साथ डीमैट खाता खोलना जरूरी है.

डिमटीरियलाइज़ेशन से पूर्व शेयर प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया समय साध्य और बोझिल थी. डिमटीरियलाइज़ेशन से पूरी प्रक्रिया को फ़ास्ट करने और डिजिटल रूप में प्रमाण पत्रों को संग्रहण करने में मदद मिली है. एक बार Demat Account सक्रिय हो जाने पर, निवेशक अपने सभी फिजिकल सिक्योरिटीज को डीमैटेरियलाइजेशन रिक्वेस्ट फॉर्म (DRF) के साथ जमा करके पेपर सर्टिफिकेट को डिजिटल प्रारूप में बदल सकते हैं.

शेयर्स को डीमैटरियलाइज करने में शामिल संस्थाएं

निवेशक

निवेशक व्यक्ति, पार्टनरशिप फर्म या कंपनियां हैं जो इलेक्ट्रॉनिक रूप में स्टॉक और बॉन्ड जैसी सिक्योरिटीज़ के स्वामी होते हैं. ये व्यक्ति या इकाइयां अपनी सिक्योरिटीज़ को इलेक्ट्रॉनिक रूप में संग्रहीत करने के लिए डीमैट खाते खोलती हैं. निवेशक अपने Demat Account के माध्यम से इन सिक्योरिटीज़ को खरीद और बेच सकते हैं.

डिपॉजिटरी

डिपॉजिटरी आपके निवेश के लिए डिजिटल बैंकों की तरह कार्य करती है. ये इलेक्ट्रॉनिक रूप में आपकी सिक्योरिटीज़ को सुरक्षित रूप से धारण करते हैं. भारत में नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) और सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड (CDSL) दो प्राइमरी डिपॉजिटरी हैं. ये डिपॉजिटरी यह सुनिश्चित करती हैं कि निवेशक के होल्डिंग को सुरक्षित रखा जाए और ट्रांज़ैक्शन आसान हो.

डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट्स

डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट्स को DPs भी कहा जाता है. ये सेबी द्वारा रजिस्टर्ड मध्यस्थ हैं जो NSDL और CDSL जैसे डिपॉजिटरी से निवेशक को लिंक करने का काम करते हैं. DPs Demat Account खोलने की सुविधा प्रदान करते हैं, जिससे निवेशकों के लिए डिजिटल प्रतिभूतियों को मैनेज करना आसान हो जाता है.

जारीकर्ता कंपनी

जारीकर्ता कंपनी एक कानूनी इकाई या बिज़नेस है, जो डिपॉजिटरी के साथ रजिस्टर्ड होती है. इसका प्राथमिक उद्देश्य अपने संचालन के लिए धन जुटाने के साधन के रूप में जनता को सिक्योरिटीज सृजित करना, पंजीकृत करना और प्रदान करना है. इन सिक्योरिटीज में आमतौर पर बांड, शेयर, वाणिज्यिक कागज और अन्य वित्तीय साधन शामिल हैं.

Demat Account की जरूरत क्यों?

पहले शेयर्स भौतिक रूप में जारी किये जाते थे तथा भौतिक रूप में ही रखे जाते थे. 1996 से पहले जब भी कोई शेयर्स खरीदता था तो शेयर सर्टिफिकेट उसके घर कागज़ी रूप में डाक द्वारा पहुंचता था. इन शेयर्स को बेचने के लिए पहले उसे डीमैटरियलाइज कराना पड़ता था. Demat Account के आने से ये सभी समस्याएं ख़त्म हो गयी हैं.

भौतिक शेयर्स होने से धोखाधड़ी और शेयर्स खोने का डर बना रहता था. शेयर्स एवं अन्य सिक्योरिटीज को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में डिजिटल रूप में रखने से ऑनलाइन ट्रेडिंग द्वारा आसानी से ट्रेड की सुविधा हो गयी है.

भारत में सेबी (SEBI) ने भारतीय स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेड करने के लिए निवेशकों के लिए Demat Account अनिवार्य कर दिया है. यदि आपके पास Demat Account नहीं है, तो आप भारतीय स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेड नहीं कर सकते हैं.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. स्टॉक मार्केट में काम करने के लिए क्या जरूरी है?

स्टॉक मार्केट में काम करने के लिए सेबी के नियमानुसार हमारा Demat Account होना बेहद जरूरी है.

2. Demat Account वास्तव में क्या है?

जिस प्रकार बैंक में बचत खाता होता है ठीक उसी प्रकार स्टॉक मार्केट में Demat Account खोलना जरूरी होता है.

3. Demat Account खोलने के लिए क्या जरूरी होता है?

सरल प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन फॉर्म में विवरण भरकर आवश्यक व्यक्तिगत दस्तावेज अपलोड करना होता है, जहां ई-सत्यापन पश्चात Demat Account शुरू हो जाता है.

4. स्टॉक मार्केट में Demat Account का क्या उपयोग होता है?

स्टॉक मार्केट में खरीदे गए शेयरों को रखने के लिए और समय आने पर वहां से बिक्री करने के लिए Demat Account का उपयोग होता है.

5. ट्रेडिंग खाता किसे कहते हैं?

ट्रेडिंग खाता हमारे Demat Account और बैंक के खाते के बीच सेतु का काम करता है जो हमें बाजार में ट्रेडिंग करने की अनुमति देता है.

6. Demat Account में शेयर के साथ और क्या रखा जा सकता है?

म्यूच्यूअल फंड, इक्विटी शेयर, बांड आदि रख सकते हैं जो कि सबसे सुरक्षित जगह होती है.

7. Demat Account को फ्रीजिंग और डिफ्रीजिंग करने का मतलब क्या है?

फ्रीजिंग का मतलब कुछ समय के लिए खरीद-बिक्री को रोक देना यानी निलंबित कर देना होता है, वहीं डिफ्रीजिंग का अर्थ निलंबित खाते को दोबारा शुरू करना होता है.

8. क्या Demat Account को बंद किया जा सकता है?

हां, खाते से संबंधित देय या नकारात्मक राशि का भुगतान कर देने के बाद Demat Account बंद किया जा सकता है.

9. क्या F&O में ट्रेडिंग करने के लिए Demat Account की आवश्यकता होती है?

नहीं. यदि आप F&O में ट्रेडिंग कर रहे हैं, तो आपको Demat Account की आवश्यकता नहीं होती है क्योंकि इनको स्टोरेज की आवश्यकता नहीं है.

Disclaimer

Yeh article kewal shaikshik aur soochnatmak uddeshy ke liye hai. Nivesh se pehle SEBI-Registered Financial Advisor se paramarsh avashya lein. Share Market mein nivesh jokhim ke adheen hai.

Disclaimer: NiveshWorld sirf educational aur informational purposes ke liye hai. Yeh platform koi bhi investment advice nahi deta. Stock market mein nivesh jokhim ke adheen hai. Kripya koi bhi nivesh karne se pehle apne financial advisor se salah lein. Past performance future returns ki guarantee nahi hai.