शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने के लिए सबसे जरूरी डिमैट अकाउंट है. इस आर्टिकल में हम आपको यह बताएंगे कि डिमैट अकाउंट कैसे खुलता है और इसके लिए कौन-कौन से डॉक्यूमेंट की जरूरत पड़ती है. वैसे तो हर AMC की वेबसाइट पर जाकर आपको ऑनलाइन यह पता चल जाता है कि कौन-कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए. फिर भी आपकी सुविधा के लिए यह जानना अति आवश्यक है, जिससे आप आसानी से डिमैट अकाउंट खोल सकें.
How to open Demat Account — डीमैट अकाउंट कैसे खोलें?
आज के समय में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के आने से एवं यूजर फ्रेंडली एप एवं वेबसाइट बनने से कोई भी कार्य बहुत ही आसान हो गया है. इससे डिमैट अकाउंट का खोला जाना भी अछूता नहीं रहा है. इसके लिए सर्वप्रथम आपके पास आधार के साथ जुड़ा हुआ मोबाइल नंबर होना आवश्यक है. डीमैट अकाउंट खोलने का फॉर्म ऑनलाइन भरना होता है, जिसमें आवश्यक व्यक्तिगत सूचनाएं दर्ज करते हुए आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना होता है. ई-वेरिफिकेशन पूर्ण होने के बाद डीमैट अकाउंट निवेशक के लिए ट्रेडिंग हेतु उपलब्ध हो जाता है. इसमें अकाउंट खोलने वाले को अपने चेहरे के साथ कैमरे की ओर अपना पैनकार्ड दिखाकर आईपीवी (IPV) यानी इन-पर्सन वेरिफिकेशन करना होता है.
How to open Demat Account — Step by Step
डिमैट अकाउंट खोलने की प्रक्रिया आपको स्टेप दर स्टेप पता चलती जाती है. फिर भी आपकी सुविधा के लिए स्टेप दर स्टेप विवरण निम्नवत है:
- सर्वप्रथम डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (DP) चुनें. देश में ज्यादतर फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस और ब्रोकरेज हाउसेस को डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट के रूप में मान्यता दी गयी है.
- दूसरे स्टेप में आपको अकाउंट खोलने का फॉर्म भरना होता है, जिसमें आपकी व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करनी होती है.
- तीसरे स्टेप में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन हेतु सबमिट करने होते हैं. वेरिफिकेशन के लिए डॉक्यूमेंट की कॉपी प्रदान करनी होती है.
- चौथे स्टेप में निवेशक और DP के बीच एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करना होता है. इसमें एक मानक एग्रीमेंट होता है जो डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट्स के साथ निवेशक के संबंध को विनियमित करने वाले नियमों, विनियमों, संबंधित शुल्कों और शर्तों के अधीन होता है.
- पांचवें स्टेप में आपके द्वारा जमा/अपलोड किये गए डॉक्यूमेंट का सत्यापन DP की टीम द्वारा किया जाता है.
- छठे स्टेप में डीमैट अकाउंट जनरेट हो जाता है. डॉक्यूमेंट सत्यापित हो जाने के बाद डीमैट अकाउंट जनरेट हो जाता है.
Demat Account Documents Required — कौन-कौन से डाक्यूमेंट्स चाहिए?
Demat Account डीमैट अकाउंट खोलने के लिए SEBI के अनुसार निम्नलिखित डाक्यूमेंट्स चाहिए होते हैं:
- पहचान का प्रमाण (आइडेंटिटी प्रूफ)
- पता का प्रमाण (एड्रेस प्रूफ)
- आय का प्रमाण (इनकम प्रूफ)
- बैंक का प्रमाण (Bank Proof)
- फोटो
- हस्ताक्षर
पहचान का प्रमाण (आइडेंटिटी प्रूफ)
इसके अंतर्गत सेबी ने निम्न डाक्यूमेंट्स मान्य किये हैं:
- आधार कार्ड (Aadhar Card)
- पैन कार्ड (Pan Card)
- पासपोर्ट (Passport)
- वोटर आईडी (Voter ID Card)
- ड्राइविंग लाइसेंस (DL)
- सरकार द्वारा जारी आवेदक की फोटो के साथ अन्य आईडी कार्ड भी पात्र हो सकते हैं
पता का प्रमाण (एड्रेस प्रूफ)
- आधार कार्ड (Aadhar Card)
- पैन कार्ड (Pan Card)
- पासपोर्ट (Passport)
- राशन कार्ड
- बिजली या टेलीफोन बिल (नवीनतम)
- बैंक स्टेटमेंट या बैंक पासबुक
- सरकार द्वारा जारी पते के साथ एक दस्तावेज भी स्वीकार किया जाता है
आय का प्रमाण (इनकम प्रूफ)
- सैलरी स्लिप (Salaried Person के लिए, नवीनतम तीन माह की)
- इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) (Non-Salaried Person के लिए, नवीनतम)
- बैंक स्टेटमेंट (06 माह का)
- बैंक का प्रमाण (क्रॉस चेक, बैंक पासबुक की कॉपी या बैंक स्टेटमेंट जिसमे बैंक अकाउंट नंबर, MICR और IFSC कोड का विवरण हो)
फोटोग्राफ
पासपोर्ट साइज का नवीनतम फोटो.
हस्ताक्षर (Signature)
आवेदनकर्ता के हस्ताक्षर. ध्यान देने वाली बात यह है कि जो सिग्नेचर आपके पैन कार्ड पर हैं, वही सिग्नेचर करने पर आपका डीमैट अकाउंट आसानी से खुल जायेगा.
समग्र रूप से
इस प्रकार यदि आपके पास निम्न डाक्यूमेंट्स हैं तो आपका डीमैट अकाउंट खुलने में कोई प्रॉब्लम नहीं होगी:
- आधार कार्ड (Aadhar Card)
- पैन कार्ड (Pan Card)
- सैलरी स्लिप या इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) एवं बैंक स्टेटमेंट (06 माह का)
- फोटो
- हस्ताक्षर