Mahindra Manulife Manufacturing Fund: एक नज़र में
यह मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से सम्बंधित NFO फण्ड है. यह NFO फण्ड 31 मई 2024 को खुला है और 14 जून 2024 को बंद होगा. इसके बाद यह NFO अलाटमेंट के लिए 26 जून 2024 से पुनः खुलेगा जिसमें SIP के रूप में या lump sum धनराशि से निवेश कर सकते हैं.
| क्र.सं. | बिंदु | विवरण |
|---|---|---|
| 1 | स्कीम का नाम | Mahindra Manulife Manufacturing Fund |
| 2 | स्कीम का प्रकार | ओपन एंडेड इक्विटी स्कीम |
| 3 | थीमेटिक/सेक्टोरल फण्ड | मैन्युफैक्चरिंग थीम/सेक्टर |
| 4 | NFO प्रारम्भ होने का दिनांक | 31 मई 2024 |
| 5 | NFO बंद होने का दिनांक | 14 जून 2024 |
| 6 | बेंचमार्क | S&P BSE India Manufacturing TRI |
| 7 | फण्ड मैनेजर | Renjith Sivaram Radhakrishnan, Manish Lodha |
| 8 | निवेश का Plan | Direct और Regular दोनों |
| 9 | निवेश के Options | IDCW और Growth दोनों |
| 10 | लोड | एंट्री लोड: कोई नहीं. एग्जिट लोड: तीन माह में रिडीम/स्विच करने पर 0.5%, तीन माह बाद कोई लोड नहीं |
निवेश का उद्देश्य
यह फण्ड उन निवेशकों के लिए उपयोगी है जो लम्बे समय में धन वृद्धि (long term capital appreciation) चाहते हैं. इस ओपन-एंडेड इक्विटी फण्ड का उद्देश्य मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में लगी कंपनियों की इक्विटी और इक्विटी-संबंधित प्रतिभूतियों में मुख्य रूप से निवेश करके भारत के विनिर्माण क्षेत्र की क्षमता को समृद्ध बनाना है.
लोड
एंट्री लोड: कोई नहीं है.
एग्जिट लोड: तीन माह में रिडीम/स्विच करने पर 0.5% एग्जिट लोड लगेगा और तीन माह के बाद कोई लोड नहीं लगेगा. रिडीम/स्विच FIFO के आधार पर होगा.
न्यूनतम निवेश की राशि
खरीद/स्विच के लिए न्यूनतम निवेश की राशि 1000 रुपये और उसके बाद कोई भी राशि है. मासिक (Monthly) SIP के लिए 500 रूपये की न्यूनतम छह किश्तों की धनराशि अर्थात 3000 रूपये है.
निवेश की जरूरत क्यों
भारत की तेजी से बदलती अर्थव्यवस्था में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर एक आधार इंडस्ट्री के रूप में काम करेगा. निम्न 3 बिन्दुओं में इस फण्ड में निवेश की जरूरत समझ सकते हैं:
अवसर
- विशाल जनसंख्या के कारण भारत में बड़ा उपभोक्ता आधार है
- भारत के पास विश्व में बड़े निर्यात के अवसर हैं
क्षमता
- बड़ा और कुशल श्रमिक पूल
- लागत लाभ बनाम समकक्ष
- बुनियादी ढांचे में सुधार
- उच्च स्तरीय विनिर्माण को समर्थन देने वाला सर्विस इको सिस्टम
अनुकूल वातावरण
- आत्मनिर्भर भारत केन्द्रित वातावरण
- कम leverage + उच्च क्षमता उपयोग
- Macro-economic stability + geopolitical factors
निवेश की रणनीति
- कोर पोर्टफोलियो: मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की विभिन्न प्रकार की कम्पनीज में न्यूनतम 80%.
- निवेश विधि एवं स्टॉक का चयन: स्टॉक का चयन बॉटम-अप के आधार पर होगा, जिसमें विकास के लिए लंबे समय तक चलने की उम्मीद है.
- पोर्टफोलियो कंसंट्रेशन: डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो.
- मार्केट कैपिटल: बाज़ार पूंजीकरण के अनुसार फ्लेक्सिबल.
फंड का निवेश उन कम्पनीज में किया जायेगा जो विनिर्माण गतिविधि में लगी हैं, सरकार की मेक इन इंडिया पहल से लाभ प्राप्त कर सकती हैं, स्थानीय स्तर पर विनिर्माण द्वारा भारत के आयात को प्रतिस्थापित करने की स्थिति में हैं, और जो भारत में निर्मित वस्तुओं का निर्यात करती हैं.
रिटर्न/लाभ विश्लेषण
S&P BSE India Manufacturing TRI ने 10 वर्ष में 12.65%, पांच वर्ष में 17.56%, तीन वर्ष में 19.64% तथा एक वर्ष में 38.96% का रिटर्न दिया है.
एसेट एलोकेशन
| Types of Instruments | Minimum Allocation (%) | Maximum Allocation (%) |
|---|---|---|
| Equity and Equity-related securities (manufacturing theme) | 80 | 100 |
| Equity and Equity related instruments (अन्य) | 0 | 20 |
| Debt and Money Market Securities | 0 | 20 |
| Units issued by REITs & InvITs | 0 | 10 |
सार
भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्था (Emerging Economy) में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रिकॉर्ड स्तर की वृद्धि की अपार संभावनाएं हैं, जिससे इस फण्ड में निवेश से अधिक लाभ/रिटर्न प्राप्त किये जा सकते हैं.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. ओपन एंडेड इक्विटी स्कीम क्या होती है?
ओपन एंडेड इक्विटी स्कीम के तहत, एसेट मैनेजमेंट कंपनी दैनिक आधार पर नए निवेशकों को इकाइयां खरीदती और बेचती है. NFO की समय-सीमा समाप्त होने के बाद इन स्कीम की इकाइयों को खरीदा और बेचा जा सकता है.
2. मैन्युफैक्चरिंग क्या है?
मशीनों, औजारों और श्रम का उपयोग करके सामान बनाने की क्रिया को मैन्युफैक्चरिंग या विनिर्माण कहते हैं.
3. NFO क्या होता है?
NFO का पूरा नाम न्यू फंड ऑफर है. यह एसेट मैनेजमेंट कंपनी द्वारा फंड की नई कैटेगरी लॉन्च करने के लिए सब्सक्रिप्शन ऑफर है.
4. लोड क्या होता है?
शेयर मार्केट में शेयर खरीदने और बेचने पर जो चार्ज लगता है, उसे लोड कहते हैं. खरीदने पर एंट्री लोड और बेचने पर एग्जिट लोड लगता है.
5. एसेट एलोकेशन क्या होता है?
फण्ड का पैसा शेयर बाज़ार में जिन विभिन्न सेक्टर की कम्पनीज में लगता है उसे एसेट एलोकेशन कहते हैं.