हमारी जितनी महीने की तनख्वाह या आमदनी होती है, उसी हिसाब से हमारे खर्च भी होते हैं. हम महीने में जितना पाते या कमाते हैं, लगभग-लगभग पूरा खर्च कर देते हैं. ऐसे में हमारे पास सेविंग या बचत के रूप में एक भी पैसा नहीं बचता है और हमें इमरजेंसी के समय दूसरों के सामने हाथ फैलाना पड़ता है. यह स्थिति लगभग हर इंसान की होती है.
हम यहां पर इस आर्टिकल में ऐसे स्रोतों के बारे में जानेंगे, जहां से हमें महीने की सैलरी के अलावा पैसा मिलता है, जिससे हम आसानी से बचत कर सकते हैं. यह पैसा हमारे महीने की सैलरी से अलग होता है, इसलिए इसकी हम आसानी से बचत कर सकते हैं और हमारे खर्च भी प्रभावित नहीं होंगे.
बोनस से प्राप्त पैसा
हम सभी जानते हैं कि लगभग हर कम्पनी एवं सरकार साल में एक बार बोनस का अनाउंसमेंट अवश्य करती है, जिसके बाद कर्मचारियों को बोनस प्राप्त होता है. सभी को साल में एक बार दिवाली के समय बोनस जरूर मिलता है. यह पैसा हमारी मासिक सैलरी से अलग होता है, जिसकी हम आसानी से बचत कर सकते हैं.
वार्षिक इंक्रीमेंट एवं महंगाई भत्ता (DA) से प्राप्त पैसा
हम सभी को साल में एक बार वार्षिक इंक्रीमेंट मिलता है जो लगभग 3% होता है तथा साल में दो बार महंगाई भत्ता मिलता है, जो एक बार में 3% या 4% कुल मिलाकर लगभग 7% के आसपास DA मिलता है. इस प्रकार देखा जाए तो हमारी सैलरी साल भर में लगभग 10% बढ़ जाती है.
यदि हम शुरुआत से ही प्लानिंग कर लें कि हमें जो महंगाई भत्ता एवं वार्षिक इंक्रीमेंट के रूप में 10% की सैलरी की बढ़ोतरी होगी, उसे हम बचत करेंगे, तो इस प्रकार से आप आसानी से बचत कर सकते हैं. आपके ऊपर कोई भार भी नहीं पड़ेगा. जो व्यक्ति बिलकुल बचत नहीं कर पाते हैं, उनके लिए बचत शुरु करने का यह सबसे अच्छा तरीका है.
वार्षिक इंक्रीमेंट से प्राप्त एरियर
चाहे सरकारी कर्मचारी हो या प्राइवेट कर्मचारी हो, सभी को साल में एक बार इंक्रीमेंट अवश्य मिलता है. कभी-कभी कर्मचारी का इंक्रीमेंट लगने में समय लग जाता है, तब कर्मचारियों को एरियर के रूप में पैसा मिलता है. यह पैसा भी कर्मचारी की मासिक सैलरी से अलग होता है जिसकी आसानी से बचत की जा सकती है.
महंगाई भत्ता (DA) से प्राप्त एरियर
सरकार साल में दो बार महंगाई भत्ता अर्थात DA की घोषणा करती है. घोषणा करने के उपरांत कर्मचारियों को DA लागू होने की तारीख से दो-तीन महीने बाद मिलता है. जिसके कारण दो-तीन महीने का पैसा एरियर के रूप में प्राप्त होता है, जो कर्मचारी की मासिक सैलरी से अलग होता है.
ACP तथा प्रमोशन आदि से मिलने वाला एरियर
सामान्य तौर से कर्मचारी के ACP तथा प्रमोशन आदि का लाभ विलंब से मिलता है, जो देय तिथि (Due Date) से ही दिया जाता है, जिसके कारण कर्मचारियों को इससे मिलने वाला लाभ एरियर के रूप में मिलता है. यह एरियर भी सैलरी से अलग होता है.
बच्चों को प्राप्त पैसा
सामान्य रूप से घर में बच्चों के बर्थडे, होली, दिवाली एवं अन्य स्रोतों से बच्चों को पैसा प्राप्त होता है. वह पैसा भी घर की मासिक आय या सैलरी से अधिक होता है, जिसकी बच्चों के नाम से बचत आसानी से की जा सकती है तथा भविष्य में जरूरत पड़ने पर उसका सदुपयोग किया जा सकता है. यदि इनकी बचत की जाये तो निश्चित ही एक बड़ी धनराशि जमा हो जाएगी. इससे बच्चों में बचत की आदत भी विकसित होगी.
इस आर्टिकल को पढ़ने वाले बहुत से पाठक ऐसे भी होंगे जिन्हें मासिक सैलरी के अलावा अन्य स्रोतों से भी कभी-कभी आय हो जाती है. जैसे कृषि आय से, शेयर में प्राप्त होने वाले डिविडेंड से आय, किसी को दिए गए उधार की वापसी से प्राप्त आय एवं अन्य स्रोतों से प्राप्त होने वाला पैसा भी आपकी मासिक आमदनी से अलग होता है, जिसकी भी आसानी से बचत की जा सकती है.
"बचत होती नहीं है, करनी पड़ती है!"
उपरोक्त बताए गए बिंदुओं में प्राप्त होने वाली धनराशि आपकी सैलरी या मासिक आय से अलग होती है, जिसकी हम आसानी से बचत कर सकते हैं. सामान्य तौर से हमारी प्लानिंग या योजना ना होने के कारण वह पैसा सामान्य रूप से खर्चों में ही व्यय हो जाता है और हम उसकी बचत नहीं कर पाते हैं.
यहाँ पर इस आर्टिकल में आय के जो स्रोत दिए गए हैं, उनसे प्राप्त होने वाली धनराशि बहुत कम ही होती है लेकिन जब हम यही छोटी-छोटी धनराशि की लगातार बचत करते हैं तो एक दिन विशाल धनराशि इकट्ठा हो जाती है. कहते हैं कि —
"बूँद-बूँद से सागर बनता है!"