लक्ष्य के अनुसार बचत करना समय की मांग है. जो समय के अनुसार चलता है वह हमेशा सुखी रहता है.
हम सभी के जीवन में कभी न कभी, कोई न कोई चाहत या लक्ष्य या सपना अवश्य होता है. कुछ सपने ऐसे होते हैं जो मेहनत करके पूरे किए जा सकते हैं, जैसे नौकरी पाना, परीक्षा में अच्छा नंबर लाना आदि. कुछ सपने किस्मत से मिलते हैं, जैसे मनचाहा प्यार या मनचाहा जीवनसाथी. जबकि हम सबके जीवन में ऐसे बहुत सारे सपने होते हैं जो पैसे से पूरे होते हैं — मकान बनवाना, मनपसंद जगह घूमने जाना, मनपसंद सामान खरीदना, मनचाही गाड़ी खरीदना, बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाना आदि.
अपने लक्ष्यों को कागज़ पर लिखें
किसी भी कार्य को पूर्ण करने के लिए सबसे पहले यह आवश्यक है कि हमें अपनी चाहतें, सपने या लक्ष्य क्लियर पता हों. हमें अपनी चाहतों, सपनों एवं लक्ष्यों को सर्वप्रथम कागज कलम की सहायता से डायरी पर लिख लेना चाहिए, जिससे हमें हमेशा पता रहे कि हमें क्या-क्या करना है.
लक्ष्यों को पूरा करने के लिए समय तय करें
एक बार लिखने के बाद प्रत्येक चाहत, सपना या लक्ष्य को आप कब तक पूरा या प्राप्त करना चाहते हैं, उनके सामने समय माह या वर्ष अवश्य लिख दें. इसके लिए यह जरूरी है कि हम सबसे पहले अपने लक्ष्यों को शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म में बांट लें.
लक्ष्य के अनुसार धनराशि की आवश्यकता को तय करें
चाहतों, सपनों या लक्ष्य के आधार पर एक अनुमानित धनराशि तय करें कि किसके लिए कितनी-कितनी धनराशि की आवश्यकता होगी. धनराशि एवं समय किसी भी सपने को पूरा करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं.
समय एवं धनराशि
समान बचत समय की अलग-अलग अवधि के आधार पर अलग-अलग मात्रा में तैयार या इकट्ठा होती है. यदि आपने 1000-1000 रुपये प्रतिमाह तीन अलग-अलग समय अवधियों — 1 वर्ष, 5 वर्ष तथा 10 वर्ष के लिए लगातार बचत की है, तो एक वर्ष में कम पैसा, 5 वर्ष में उससे ज्यादा तथा 10 वर्ष में उससे भी ज्यादा पैसा जमा होगा.
जब हम पैसा लंबे समय के लिए जमा करते हैं तब हमें ब्याज पर ब्याज मिलता है, जिसे चक्रवृद्धि ब्याज या कंपाउंड इंटरेस्ट कहते हैं और इस पूरी प्रक्रिया को कंपाउंडिंग कहते हैं. बचत की दुनिया में कंपाउंडिंग का बहुत बड़ा रोल होता है.
उदाहरण के तौर पर यदि आपने ₹2000 की बचत 5 वर्ष के लिए प्रतिमाह की है तो आपके पास 5 साल बाद ₹1,20,000 जमा हो जायेगा तथा इस बचत पर मिलने वाले ब्याज/रिटर्न से 5 साल बाद यह धन लगभग ₹1,65,000 से अधिक हो जाएगा. और यदि आपने 10 वर्षों तक लगातार ₹2000 प्रतिमाह जमा किया तो लगभग ₹4,65,000 की प्राप्ति होगी — अर्थात आपका ₹2,40,000 दस वर्ष में दुगना हो जाएगा.
समय के आधार पर अपने लक्ष्यों को प्राथमिकता दें
कुछ सपनों के लिए समय निश्चित होता है, जैसे बच्चों की उच्च शिक्षा, इंश्योरेंस कराना, EMI जमा करना आदि. मकान खरीदना या घूमने जाना जैसे लक्ष्यों के लिए समय निश्चित नहीं होता, लेकिन इंसान बहुत अधीर होता है और इन्हें जल्द से जल्द प्राप्त करना चाहता है. समय के आधार पर अपनी चाहतों, सपनों और लक्ष्यों को प्राथमिकता दें.
बचत कहाँ करें
धनराशि व समय निश्चित होने के बाद यह आवश्यक हो जाता है कि पैसे की बचत कहां करें कि आपको वहां से समय पर वांछित धनराशि प्राप्त हो जाए. इसके लिए आप स्वयं बैंक, फंड मैनेजमेंट एजेंसी, फंड मैनेजर आदि से संपर्क कर सकते हैं.
बचत के लिए एक्सपर्ट की सलाह लें
अपनी बचत को बढ़ाने के लिए हमेशा एक्सपर्ट की राय लें — यह एक्सपर्ट आपका मित्र, सोशल मीडिया या व्हाट्सएप नहीं बल्कि प्रोफेशनल एक्सपर्ट होना चाहिए. जिस प्रकार घर का नक्शा एक अच्छा आर्किटेक्ट ही बना सकता है, उसी प्रकार जितनी अच्छी बचत एक प्रोफेशनल एक्सपर्ट कर सकता है उतना आप नहीं कर सकते.
इस प्रकार आप लक्ष्य तय करके आसानी से लक्ष्य के अनुसार बचत कर सकते हैं, जिससे आप औरों की तुलना में ज्यादा सफल होंगे. आप आसानी से वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर हो पाएंगे, मानसिक रूप से स्वतंत्र रह पाएंगे और अपने वित्तीय लक्ष्यों को पूरा कर जीवन में सुखद आनंद की अनुभूति प्राप्त कर सकेंगे.