SBI Automotive Opportunities Fund: एक नज़र में
एसबीआई म्युचुअल फंड ने ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए एसबीआई ऑटोमोटिव अपॉर्चुनिटीज फण्ड नाम से NFO जारी किया है. यह NFO 17 मई 2024 से खुलेगा तथा 31 मई 2024 को बंद होगा. इस फण्ड में अलॉटमेंट की तिथि 7 जून 2024 है. अलॉटमेंट की तिथि के 5 दिन के पश्चात इसमें SIP के रूप में या lump sum धनराशि से निवेश कर सकते हैं.
| क्र. | बिंदु | विवरण |
|---|---|---|
| 1 | फण्ड का नाम | SBI Automotive Opportunities Fund |
| 2 | स्कीम का प्रकार | ओपन एंडेड इक्विटी स्कीम - automotive & allied business activities theme |
| 3 | थीमेटिक/सेक्टोरल फण्ड | ऑटोमोबाइल थीम/सेक्टर |
| 4 | NFO प्रारम्भ होने का दिनांक | 17 मई 2024 |
| 5 | NFO बंद होने का दिनांक | 31 मई 2024 |
| 6 | अलाटमेंट होने का दिनांक | 07 जून 2024 |
| 7 | बेंचमार्क | निफ्टी ऑटो TRI |
| 8 | फण्ड मैनेजर | तन्मय देसाई |
| 9 | फण्ड मैनेजर (Overseas) | प्रदीप केसवन |
| 10 | निवेश का प्रकार | Direct और Regular दोनों |
| 11 | लोड | एंट्री लोड: कोई नहीं. एग्जिट लोड: एक वर्ष में रिडीम/स्विच करने पर 1% |
परिचय
यह एक ओपन-एंडेड फंड है. एसबीआई म्यूचुअल फण्ड का कहना है कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाज़ार है. ऐसे में भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर निवेश करने के लिए एक आकर्षक अवसर दे रहा है. घरेलू मांग बढ़ने और निर्यात को देखते हुए इलेक्ट्रिक वाहन और लॉजिस्टिक्स एवं यात्री परिवहन से ऑटोमोबाइल सेक्टर के विकास की सकारात्मक संभावनाएं हैं.
निवेश का उद्देश्य
यह फण्ड उन निवेशकों के लिए उपयोगी है जो लम्बे समय में धन वृद्धि (long term capital appreciation) चाहते हैं. इस ओपन-एंडेड इक्विटी फण्ड का उद्देश्य ऑटोमोटिव और संबद्ध व्यवसाय के क्षेत्र में लगी कंपनियों की इक्विटी और इक्विटी-संबंधित प्रतिभूतियों में मुख्य रूप से निवेश करके भारत के ऑटोमोटिव क्षेत्र की क्षमता से अपने निवेश में वृद्धि करना है.
लोड
एंट्री लोड: कोई नहीं है.
एग्जिट लोड: एक वर्ष में रिडीम/स्विच करने पर 1% एग्जिट लोड लगेगा और एक वर्ष के बाद रिडीम/स्विच करने पर कोई लोड नहीं लगेगा.
न्यूनतम निवेश की राशि
खरीद/स्विच के लिए न्यूनतम निवेश की राशि 5000 रुपये और उसके बाद 1 रूपये के गुणांक की कोई भी राशि है. मासिक (Monthly) SIP के लिए न्यूनतम निवेश की राशि 500 रुपये और उसके बाद 1 रूपये के गुणांक की कोई भी राशि है.
रिटर्न/लाभ विश्लेषण
निफ्टी ऑटो TRI इंडेक्स ने अपने शुरुआत से अब तक 18.1% का रिटर्न दिया है. यदि हम वर्षों के आधार पर देखें तो पाएंगे कि पांच वर्ष में 23.2%, तीन वर्ष में 33.9% तथा एक वर्ष में 71.7% का रिटर्न दिया है.
एसबीआई ऑटोमोटिव अपॉर्चुनिटीज फण्ड की जरूरत क्यों?
घरेलू बिक्री के मामले में भारत दुनिया की चौथी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री है. 2025 तक भारत की ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी इंडस्ट्री होगी. दुनिया भर में सबसे ज्यादा ट्रैक्टर का उत्पादन भारत में ही होता है. दो पहिया वाहन व बस के उत्पादन में भारत विश्व में दूसरे स्थान पर आता है. हैवी ट्रक के उत्पादन में भारत विश्व में तीसरे स्थान पर है. जिसके कारण एसबीआई म्युचुअल फण्ड ने यह NFO जारी किया है.
प्रस्तावित एसेट एलोकेशन
इस फण्ड की धनराशि ऑटोमोबाइल सेक्टर में लगी कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी-संबंधित उपकरणों में 80 से 100% तथा इसके अलावा अन्य कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी-संबंधित उपकरणों में भी लगेगी. सेबी द्वारा तय लिमिट का पालन करते हुए फण्ड का एलोकेशन किया जायेगा.
| Types of Instruments | Minimum Allocation (%) | Maximum Allocation (%) |
|---|---|---|
| Equity व equity related instruments (automotive theme) | 80 | 100 |
| Equity व equity related instruments (अन्य) | 0 | 20 |
| Debt व debt related instruments तथा money market instruments | 0 | 20 |
| Units of REITs and InvITs | 0 | 10 |
सार
भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्था (Emerging Economy) में ऑटोमोबाइल सेक्टर में रिकॉर्ड स्तर की वृद्धि की अपार संभावनाएं हैं. जिससे इस फण्ड में निवेश से लम्बे समय में अधिक लाभ/रिटर्न प्राप्त किये जा सकते हैं.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. ओपन एंडेड इक्विटी स्कीम क्या होती है?
ओपन एंडेड इक्विटी स्कीम के तहत, एसेट मैनेजमेंट कंपनी दैनिक आधार पर नए निवेशकों को इकाइयां खरीदती और बेचती है. NFO की समय-सीमा समाप्त होने के बाद इन स्कीम की इकाइयों को खरीदा और बेचा जा सकता है.
2. ऑटोमोबाइल सेक्टर क्या है?
ऑटोमोबाइल सेक्टर में मोटर वाहनों के डिजाइन, विकास, निर्माण और बिक्री आदि को शामिल किया जाता है. मोटर वाहन के अंतर्गत दो पहिया, तीन पहिया, चार पहिया वाहन तथा बस, ट्रक, ट्रैक्टर आदि आते हैं.
3. NFO क्या होता है?
NFO का पूरा नाम न्यू फंड ऑफर है. यह एसेट मैनेजमेंट कंपनी द्वारा फंड की नई कैटेगरी लॉन्च करने के लिए सब्सक्रिप्शन ऑफर है.
4. लोड क्या होता है?
शेयर मार्केट में शेयर खरीदने और बेचने पर जो चार्ज लगता है, उसे लोड कहते हैं. खरीदने पर एंट्री लोड और बेचने पर एग्जिट लोड लगता है.
5. एसेट एलोकेशन क्या होता है?
फण्ड का पैसा शेयर बाज़ार में जिन विभिन्न सेक्टर की कम्पनीज में लगता है उसे एसेट एलोकेशन कहते हैं. इसमें सेबी द्वारा तय लिमिट का पालन किया जाता है.