इंडेक्सेशन क्या है?

घर-जमीन बेचने पर टैक्स कैसे आधा हो जाता है?

इंडेक्सेशन क्या है?

इंडेक्सेशन एक टैक्स सुविधा है, जिसमें घर, जमीन, सोना, डेट फंड आदि की खरीद मूल्य को Inflation के हिसाब से बढ़ाकर माना जाता है ।

मूल्य सिर्फ लाभ से नहीं, महंगाई से भी बढ़ता है। इसीलिए इंडेक्सेशन के ज़रिए महंगाई का असर हटाकर टैक्स लगाया जाता है।

कहां मिलता है इंडेक्सेशन का लाभ?

घर और जमीन पर सोना पर डेट म्यूचुअल फंड पर

प्रॉपर्टी बेचने पर टैक्स क्यों लगता है?

जब आप कोई  घर,  जमीन या  सोना लंबे समय बाद बेचते हैं और मुनाफा होता है। उस पर LTCG टैक्स लगता है।

सरकार टैक्स क्यों लेती है?

मूल्य बढ़ने में लाभ और महंगाई दोनों का असर होता है, इसी महंगाई के असर को कम करने के लिए सरकार टैक्स लेती है।

इंडेक्सेशन किन पर नहीं मिलता है?

शेयर और इक्विटी म्यूचुअल फंड आदि पर इंडेक्सेशन नहीं मिलता है।

बिना इंडेक्सेशन क्या होता है?

बिना इंडेक्सेशन के जितना लाभ दिखता है, उस पर टैक्स लगता है, जो ज्यादा होता है।

अब समझिए इंडेक्सेशन से

अब मान लीजिए — 2015 का CII = 254 2024 का CII = 348 अब खरीदी कीमत बढ़ेगी 

इंडेक्सेशन फॉर्मूला

Indexed Cost = खरीद कीमत × (बिक्री वर्ष का CII ÷ खरीद वर्ष का CII)

अब टैक्सेबल मुनाफा

बिक्री कीमत = ₹90 लाख इंडेक्स्ड कीमत = ₹68.5 लाख टैक्सेबल गेन = ₹21.5 लाख

टैक्स कितना लगेगा?

₹21.5 लाख पर 20% टैक्स = ₹4.3 लाख व बिना इंडेक्सेशन: ₹8 लाख। इंडेक्सेशन के साथ: ₹4.3 लाख, लगभग आधा टैक्स बचा!

निष्कर्ष (Conclusion)

इंडेक्सेशन टैक्स बचाता है, महंगाई का असर कम करता है, लॉन्ग टर्म निवेश को लाभ देता है। घर-जमीन बेचने से पहले इंडेक्सेशन जरूर समझें